पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए दो लोगों को रंगेहाथ पकड़ा। आरोप है कि वे जमीन के सरकारी दस्तावेज अपडेट करने और रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर शिकायतकर्ता से 8 करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। दोनों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे पहली किस्त के तौर पर 30 लाख रुपये लेने पहुंचे थे।
शिकायतकर्ता की जमीन पुणे कैंटोनमेंट इलाके में है और सालों से उससे जुड़े कागज़ात अटके हुए थे। सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते परेशान शिकायतकर्ता पर आरोपियों ने दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। इसी बीच उसने ACB से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
ACB ने मामले की जांच में पाया कि 50 वर्षीय विनोद देशमुख और 56 वर्षीय भास्कर पावळ लंबे समय से सरकारी दफ्तरों में जमीन संबंधी काम कराने का दावा करते थे। दोनों खुद को सरकारी कामों के जानकार बताकर शिकायतकर्ता को झांसा देते रहे और अंत में करोड़ों की मांग पर उतर आए।
जाल बिछाकर ACB ने आरोपियों को पैसों की डील के समय ही धर दबोचा। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत मांगने, लेने और सरकारी प्रक्रिया में बाधा डालने के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।